'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र: PM मोदी ने हैंडलूम, खादी और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने की अपील की
- By Gaurav --
- Monday, 27 Jul, 2026
PM Modi Urges Citizens to Go Vocal
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण में देशवासियों से 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने भारत की समृद्ध हैंडलूम परंपरा, खादी, स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ये भारत की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ लाखों लोगों की आजीविका का आधार हैं।
आगामी राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस (7 अगस्त) का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन देश के बुनकरों की प्रतिभा, मेहनत और रचनात्मकता को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हाथ से बुना हर परिधान किसी क्षेत्र, समुदाय और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की कहानी बयां करता है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे हैंडलूम उत्पादों को अपनाकर बुनकरों का समर्थन करें और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को नई मजबूती दें। उन्होंने कहा कि पोचमपल्ली, पटना, कुथम्पल्ली और कच्छ जैसे क्षेत्रों में हैंडलूम को बढ़ावा मिलने से हजारों लोगों की आजीविका में सुधार हुआ है, वहीं महिला बुनकरों के लिए भी नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
खादी का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह महात्मा गांधी के विचारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रतीक है और पिछले 12 वर्षों में इसकी बिक्री छह गुना बढ़कर करीब ₹8,000 करोड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि आने वाले त्योहारों के मौसम में कम से कम एक खादी, हथकरघा या हस्तशिल्प से बना उत्पाद अवश्य खरीदें।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की समृद्ध संगीत परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने त्रिपुरा के पारंपरिक वाद्ययंत्र 'चोंगप्रेन्ग' और इसे लोकप्रिय बनाने वाले संगीतकार सूरज कुमार देबबर्मा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने लोगों से अपने क्षेत्र के पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोक संगीत की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने की भी अपील की, ताकि नई पीढ़ी भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।